जॉर्डन स्थित मुवाफ्फक सलती एयर बेस पर रात में हुए ईरानी मिसाइल हमले में कई अमेरिकी सैन्य विमान क्षतिग्रस्त हो गए। रिपोर्ट के अनुसार करीब आठ एफ-15 लड़ाकू विमानों को मामूली नुकसान पहुंचा। हालांकि, सभी विमानों को कथित तौर पर मरम्मत के बाद दोबारा सेवा में शामिल कर लिया गया।
हमले में अमेरिकी वायुसेना का F-10 थंडरबोल्ट विमान भी चपेट में आया। इसे ‘वॉर्थॉग’ के नाम से जाना जाता है। सूत्रों के मुताबिक, विमान को काफी गंभीर नुकसान हुआ और उसकी एक विंग के गायब होने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी हमले से एयरबेस की सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना ने 30 से अधिक पैट्रियट मिसाइलें तैनात की थीं।
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जॉर्डन की सशस्त्र सेनाओं ने बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने उसकी ओर दागी गई 20 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 18 को रोक लिया। बाकी दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
यह हमला अमेरिका द्वारा पांच ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद हुआ। अमेरिका ने इसे ईरान द्वारा अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को निशाना बनाने के जवाब में की गई कार्रवाई बताया था।
ईरान के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन के अल-अजराक अमेरिकी बेस पर भारी मिसाइल से हमला करने की बात कही। वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक अमेरिकी युद्धपोत हमले से बच गया और क्षेत्रीय जलक्षेत्र में अपना अभियान जारी रखा। किसी अमेरिकी सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी समुद्री ठिकानों और तेल परिवहन नेटवर्क पर हालिया हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए आगे भी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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