इज़रायल ने सीरिया–लेबनान सीमा पर स्थित चार सीमा पार मार्गों पर हवाई हमले किए हैं। इज़रायली सेना का कहना है कि इन मार्गों का इस्तेमाल हिज़्बुल्लाह द्वारा हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा था। इन हमलों से पहले दक्षिणी लेबनान में इज़रायली हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और लगभग 20 लोग घायल हो गए।
बुधवार को हुई यह ताज़ा इज़रायली कार्रवाई अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बावजूद सामने आई है। यह युद्धविराम 2024 में इज़रायल और लेबनान में हिज़्बुल्लाह लड़ाकों के बीच एक साल से अधिक समय तक चले संघर्ष को समाप्त करने के लिए किया गया था, लेकिन इज़रायल पर इसे बार-बार तोड़ने के आरोप लगते रहे हैं।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इज़रायल की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “व्यवस्थित आक्रामकता की नीति” बताया। उन्होंने कहा कि इज़रायल आबादी वाले लेबनानी गांवों पर हवाई हमले कर रहा है, जो एक खतरनाक उकसावा है और सीधे नागरिकों को निशाना बनाता है। राष्ट्रपति औन ने कहा कि यह आक्रामक रवैया शत्रुता समाप्ति समझौते के तहत इज़रायल की जिम्मेदारियों को मानने से उसके इनकार को दर्शाता है।
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लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के क़नारीत कस्बे में हुए इज़रायली हवाई हमलों में कम से कम 19 लोग घायल हुए। लेबनान सरकार ने बताया कि इज़रायली लड़ाकू विमानों ने अल-खरायब, अल-अंसार, क़नारीत, क़फूर और जरजूह सहित कई गांवों और कस्बों में इमारतों को निशाना बनाया। इससे पहले इज़रायली सेना ने चेतावनी जारी की थी कि वह देश के भीतर लक्ष्यों पर हमला करेगी।
इससे पहले दिन में, सैदोन ज़िले के ज़हरानी कस्बे में एक वाहन पर इज़रायली हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं टायर ज़िले के बाज़ुरियेह कस्बे में एक अन्य वाहन पर हमले में एक और व्यक्ति मारा गया।
इज़रायली सेना ने कहा कि उसने सीरिया–लेबनान सीमा पर हथियारों के “स्थानांतरण” के लिए इस्तेमाल हो रहे चार क्रॉसिंग को निशाना बनाया और दक्षिण लेबनान के सैदोन क्षेत्र में हिज़्बुल्लाह के एक “मुख्य हथियार तस्कर” को मार गिराया।
लेबनानी सेना ने इन हमलों को देश की संप्रभुता और युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन बताते हुए कहा कि नागरिक इमारतों और घरों को निशाना बनाया गया। सेना ने यह भी कहा कि ऐसे हमले हिज़्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण की योजना को लागू करने के प्रयासों में बाधा डालते हैं।
एएफपी के अनुसार, नवंबर 2024 में हुए युद्धविराम के बावजूद इज़रायली हमलों में अब तक लेबनान में 350 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
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