इज़राइल की सेना ने दावा किया है कि उसके लड़ाकू विमानों ने यमन की राजधानी सना के पास स्थित एक परिसर पर हमला किया, जहां हौथी संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इज़राइली सेना के अनुसार, इस हमले का मुख्य लक्ष्य हौथी समूह के चीफ़ ऑफ स्टाफ और रक्षा मंत्री थे। फिलहाल इस हमले के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
इज़राइली सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई और परिसर में हौथी नेतृत्व की उच्चस्तरीय बैठक चल रही थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि लक्षित नेता हमले में मारे गए या नहीं।
हौथी समूह ने अभी तक इस हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यमन में चल रहे संघर्ष और क्षेत्रीय तनाव के बीच यह हमला काफी अहम माना जा रहा है। हाल के महीनों में हौथी विद्रोहियों और इज़राइल समर्थक गुटों के बीच संघर्ष बढ़ा है, खासकर समुद्री मार्गों और रणनीतिक ठिकानों पर हमलों को लेकर।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले का असर न केवल यमन के भीतर बल्कि पूरे मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक परिदृश्य पर पड़ सकता है। यदि हौथी शीर्ष नेतृत्व को नुकसान पहुंचा है, तो यह संघर्ष और तेज हो सकता है।
इज़राइल ने स्पष्ट किया कि वह अपने सुरक्षा हितों को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा और आतंकवाद समर्थक गुटों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
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