इज़रायल ने गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका द्वारा प्रस्तावित योजना पर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त की हैं। वहीं दूसरी ओर, इज़रायली सेना ने फिलिस्तीनी क्षेत्र गाजा में अपने सैन्य अभियान और हवाई हमले जारी रखे हैं। इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि युद्धविराम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच मतभेद उभर रहे हैं।
इज़रायल सरकार के अनुसार, उसने अमेरिकी प्रशासन को स्पष्ट रूप से बताया है कि मौजूदा शांति योजना में कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर और अधिक स्पष्टता तथा कड़े कदमों की आवश्यकता है। विशेष रूप से इज़रायल चाहता है कि हमास का पूर्ण और ठोस निरस्त्रीकरण सुनिश्चित किया जाए, तभी किसी स्थायी युद्धविराम पर आगे बढ़ा जा सकता है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि केवल हथियार छोड़ने की घोषणा पर्याप्त नहीं है। इज़रायल का मानना है कि हमास के सैन्य ढांचे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए ठोस और सत्यापित कार्रवाई आवश्यक है।
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गौरतलब है कि 31 जुलाई को हमास ने घोषणा की थी कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रस्तावित योजना के तहत अपने हथियार एक नवगठित फिलिस्तीनी प्रशासनिक समिति को सौंपने के लिए तैयार है। हालांकि, इज़रायल इस घोषणा से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और अधिक भरोसेमंद व्यवस्था की मांग कर रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब प्रधानमंत्री नेतन्याहू अक्टूबर में होने वाले चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने लंबे समय से अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपने करीबी संबंधों को अपनी प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में पेश किया है। हाल ही में दोनों नेताओं की मुलाकात भी हुई थी, लेकिन गाजा युद्ध को लेकर दोनों देशों के रुख में कुछ अंतर दिखाई दे रहा है।
इस बीच, गाजा में इज़रायली सैन्य कार्रवाई जारी रहने से क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय युद्धविराम और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की अपील कर रहा है, जबकि दोनों पक्षों के बीच स्थायी समाधान की दिशा में अभी भी सहमति बनती नहीं दिख रही है।
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