इटली की संसद के निचले सदन ने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के समर्थन वाले बड़े चुनाव सुधार को मंजूरी दे दी है। यह सुधार 2027 में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव के नियम तय करेगा। गुरुवार को गुप्त मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 227 और विरोध में 164 वोट पड़े।
मेलोनी सरकार का कहना है कि नई चुनाव व्यवस्था से राजनीतिक स्थिरता बढ़ेगी और चुनाव जीतने वाले गठबंधन को प्रभावी तरीके से सरकार चलाने के लिए पर्याप्त बहुमत मिल सकेगा। हालांकि, केंद्र-वाम विपक्ष ने इस बदलाव का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि सरकार चुनावी नियमों में बदलाव कर अपनी सत्ता बरकरार रखने की संभावनाएं मजबूत करना चाहती है।
नए कानून के तहत पूरी तरह आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू की जाएगी। इसके साथ सीट बोनस का प्रावधान भी होगा। इसके तहत चुनाव में 42 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल करने वाले किसी गठबंधन को संसद में बहुमत सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सीटें मिल सकेंगी।
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मौजूदा व्यवस्था में करीब दो-तिहाई सांसद आनुपातिक प्रतिनिधित्व से चुने जाते हैं, जबकि बाकी सांसद प्रत्यक्ष मुकाबले वाली सीटों से निर्वाचित होते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, यह क्षेत्र आधारित व्यवस्था विपक्ष के लिए फायदेमंद हो सकती थी।
मतदान के बाद मेलोनी ने कहा कि जो भी चुनाव जीते, उसे सरकार चलाने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने सुधार को राजनीतिक स्थिरता और संसद में एकजुटता बढ़ाने वाला कदम बताया।
हालांकि, मेलोनी के गठबंधन की शुरुआती बढ़त अब कमजोर हुई है। फरवरी में नए दक्षिणपंथी दल ‘नेशनल फ्यूचर’ के उभरने से सत्तारूढ़ दलों के समर्थन में कमी आई है। हालिया सर्वेक्षणों में मेलोनी का गठबंधन केंद्र-वाम दलों से पीछे बताया गया है।
सुधार के तहत गठबंधन और स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने वाली पार्टियों को मतदान से पहले अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम घोषित करना होगा। इससे विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी और फाइव स्टार मूवमेंट के बीच नेतृत्व को लेकर मतभेद और चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।
डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता एली श्लाइन ने कहा कि किसी भी चुनाव प्रणाली में उनकी पार्टी जीत हासिल करेगी। वहीं, मेलोनी ने अपने गठबंधन में मतभेद की बात खारिज करते हुए कहा कि दक्षिणपंथी गठबंधन एकजुट और अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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