भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन के बीच हाल ही में मध्य-पूर्व के संघर्ष और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर तीन दौर की वार्ता हुई। इस दौरान, भारत के लिए सुरक्षित शिपिंग और ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की गई।
MEA प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने बताया कि ईरान द्वारा भारत के ध्वज वाले टैंकरों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति देने के सवाल पर, यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस मामले में क्या निर्णय लिया गया।
इसके अलावा, जयसवाल ने बताया कि भारत सरकार उन भारतीय नागरिकों की मदद कर रही है, जो ईरान से अपने देश लौटना चाहते हैं। अब तक, करीब 9,000 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। इनमें छात्र, व्यापारी, सागर यात्री और तीर्थयात्री शामिल हैं।
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जयसवाल ने पाकिस्तान पर भी हमला करते हुए कहा, "पाकिस्तान को अपनी नापाक हरकतों के लिए भारत को दोष देना आदत बन चुकी है। वह दशकों से आतंकवाद के प्रायोजक रहे हैं और उनका कोई विश्वसनीयता नहीं है।"
भारत ने अपने पड़ोसी देशों जैसे बांग्लादेश, श्रीलंका, और मालदीव से डीजल आपूर्ति की मांगों पर विचार किया है। इन देशों को डीजल की आपूर्ति भारत की रिफाइनिंग क्षमता और घरेलू जरूरतों के बाद की उपलब्धता के आधार पर की जाएगी।
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