विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर न्यूयॉर्क में फ्रांस, इक्वाडोर, स्लोवाकिया, हंगरी और स्विट्जरलैंड के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इन वार्ताओं में द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर रविवार को भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए न्यूयॉर्क पहुंचे थे। वह 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा के आम debate सत्र में विश्व नेताओं को संबोधित करेंगे।
जयशंकर की बैठकों की शुरुआत फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बैरो के साथ मुलाकात से हुई। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित बैठकें और टेलीफोन पर बातचीत विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की गति बनाए रखने में मदद करती हैं। दोनों नेताओं ने यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र के संकट समेत क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार सहित बहुपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इक्वाडोर के विदेश मंत्री रॉबर्टो कुरी के साथ बातचीत में आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। ऊर्जा, दवा क्षेत्र, लोगों की आवाजाही, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और विकास साझेदारी के अलावा संयुक्त राष्ट्र समेत बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने के मुद्दे पर चर्चा हुई।
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स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार के साथ बैठक में द्विपक्षीय एजेंडे के साथ बहुपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर विचार किया गया।
जयशंकर ने हंगरी की उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री अनिता ओर्बान से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
स्विट्जरलैंड के विदेश मंत्री इग्नाजियो कैसिस के साथ बैठक में आर्थिक संबंधों की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते के लागू होने के बाद आर्थिक रिश्तों में हुई प्रगति पर चर्चा की।
जयशंकर ने नाउरू के राष्ट्रपति डेविड एडियांग से भी मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों और बहुपक्षीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए।
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