ब्रिटेन के साउथैम्पटन (Southampton) में 18 वर्षीय हेनरी नोवाक (Henry Nowak) की हत्या का मामला अब अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विवाद में बदल गया है। इस घटना पर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस (JD Vance) और अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने ब्रिटेन की कानून व्यवस्था और इमिग्रेशन नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
यह घटना पिछले साल दिसंबर में हुई थी, जब हेनरी नोवाक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी 23 वर्षीय विक्रम दिग्वा (Vickrum Digwa) को 1 जून को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अदालत में पेश सबूतों के अनुसार, दोनों के बीच मामूली विवाद के बाद दिग्वा ने नोवाक पर चाकू से हमला किया।
हालांकि, आरोपी ने दावा किया था कि नोवाक ने उस पर नस्लीय टिप्पणी की थी और उसकी पगड़ी गिरा दी थी, लेकिन जांच में ये आरोप झूठे पाए गए।
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मामले ने तब बड़ा तूल पकड़ा जब पुलिस के बॉडीकैम फुटेज सामने आए। वीडियो में गंभीर रूप से घायल नोवाक जमीन पर पड़े हुए दिखते हैं और पुलिस से बार-बार कहते हैं कि उन्हें चाकू मारा गया है और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसके बावजूद उन्हें हथकड़ी पहना दी जाती है। यह फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे भारी आक्रोश फैल गया।
इसके बाद जे.डी. वेंस (JD Vance) ने कहा कि यह घटना पश्चिमी देशों की इमिग्रेशन नीतियों और सुरक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सरकारें अपने नागरिकों की सुरक्षा करने में असफल हो रही हैं।
इस मुद्दे पर अमेरिकी विदेश विभाग ने भी ब्रिटेन की पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और “दोहरी पुलिसिंग प्रणाली” (two-tier policing) की आलोचना की।
वहीं, ब्रिटेन की सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर (Keir Starmer) के कार्यालय ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था निष्पक्ष है और इस मामले का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।
सरकार ने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मामले पर परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और अनावश्यक विवाद से बचना जरूरी है।
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