आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) कार्यक्रम को वापस लेने की मांग करेंगे। उनका आरोप है कि इस योजना से वाहनों की माइलेज प्रभावित हो रही है और आम लोगों के बीच इसे लेकर कई तरह की चिंताएं पैदा हो गई हैं।
अपने जारी एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने 30 जून को सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल के माध्यम से कहा था कि ई20 ईंधन कार्यक्रम एक "प्रयोग" है और इसका भविष्य इसके परिणामों पर निर्भर करेगा।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि जब मीडिया में अदालत की कार्यवाही से जुड़ी खबरें सामने आईं, तो केंद्र सरकार ने इस तरह का बयान देने से इनकार कर दिया और उन रिपोर्टों को गलत बताया।
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ई20 कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि यह वास्तव में एक प्रयोग है, तो इसे पहले सीमित संख्या में वाहनों पर लागू किया जाना चाहिए था। इसके परिणामों का आकलन करने के बाद ही इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से किसी वाहन को नुकसान पहुंचता है, तो क्या सरकार संबंधित वाहन मालिकों को मुआवजा देगी।
केजरीवाल ने दावा किया कि कई वाहन मालिकों ने ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद माइलेज में कमी आने की शिकायत की है। उन्होंने भारत पेट्रोलियम के एक अधिकारी के बयान का भी हवाला देते हुए कहा कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम होती है।
आप नेता ने कहा कि वह आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस नीति पर पुनर्विचार करने और ई20 कार्यक्रम को वापस लेने का अनुरोध करेंगे। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से अपने सुझाव भेजें, ताकि उन्हें पत्र में शामिल किया जा सके।
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