समावेशी और सुलभ पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ‘केरल फॉर ऑल’ कॉन्क्लेव की शुरुआत शनिवार (31 जनवरी) को कोच्चि में हुई। यह दो दिवसीय सम्मेलन 31 जनवरी और 1 फरवरी को आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन केरल पर्यटन विभाग द्वारा किया गया है।
केरल ने जिम्मेदार और समुदाय-आधारित पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब इस यात्रा का अगला चरण ऐसा पर्यटन इकोसिस्टम तैयार करना है, जो वास्तव में सभी के लिए समावेशी और सुलभ हो। इसी दृष्टि से ‘केरल फॉर ऑल’ कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य को समावेशी पर्यटन से जुड़े वैश्विक दृष्टिकोण और व्यावहारिक सुझाव उपलब्ध कराना है।
कोच्चि में आयोजित यह सम्मेलन कई अहम विषयों पर चर्चा कर रहा है, जिनमें दिव्यांगजनों के लिए सुगमता (एक्सेसिबिलिटी), लैंगिक समावेशन, डिजिटल सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे की डिजाइन, मोबिलिटी प्लानिंग और आतिथ्य क्षेत्र की तैयारियां शामिल हैं। सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक स्तर की श्रेष्ठ प्रथाओं को केरल की परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने योग्य रणनीतियों में बदलना है।
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इस कॉन्क्लेव में केंद्रीय और राज्य मंत्रियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, समावेशी एवं सुलभ डिजाइन के विशेषज्ञों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधियों, शहरी योजनाकारों, वास्तुकारों, इंफ्रास्ट्रक्चर विशेषज्ञों, होटल और पर्यटन उद्योग के नेताओं, उद्योग संघों, गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों की भागीदारी है।
सम्मेलन के दूसरे सत्र ‘केरल की जिम्मेदार पर्यटन विरासत’ में राज्य की उस दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर विचार किया गया, जिसके तहत केरल ने समुदाय-आधारित और सतत पर्यटन मॉडल को सफलतापूर्वक अपनाया है। यह सत्र भविष्य में और अधिक समावेशी पर्यटन नीति तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करता है।
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