पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर मंगलवार रात ईरानी ड्रोन हमले के बाद भीषण आग लग गई। ईरान द्वारा किए गए इस हमले में हवाई अड्डे के ईंधन टैंक को निशाना बनाया गया, जिससे भारी धुआं उठता देखा गया।
कुवैत की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने बताया कि हमले में नुकसान “सीमित” रहा और कोई हताहत नहीं हुआ। सेना ने कहा कि कुवैती वायु रक्षा प्रणाली दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दे रही है।
कुवैत नेशनल गार्ड ने बयान जारी कर बताया कि उनकी सेना ने छह ड्रोन को मार गिराया। सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डा पहले से ही अधिकांश वाणिज्यिक उड़ानों के लिए बंद है।
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यह हवाई अड्डा 28 फरवरी से शुरू हुए क्षेत्रीय युद्ध के बाद कई बार हमलों का निशाना बन चुका है, जब इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे। 14 मार्च को भी कई ड्रोन हमलों में एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचा था।
इस घटनाक्रम के बीच डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 बिंदुओं वाला युद्धविराम प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा गया है, जिसने वार्ता की मेजबानी की पेशकश भी की है।
हालांकि, ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया है। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी असर पड़ रहा है।
यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्र में युद्ध की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
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