अमेरिका ने खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप तय किए हैं। लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत में मंगलवार को सार्वजनिक किए गए अभियोग के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई पर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में स्थित एक सिख गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप है।
अदालती दस्तावेजों में निज्जर का नाम 'एच.एस.एन.' के रूप में दर्ज किया गया है। लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारत की जेल में बंद है, जबकि गोल्डी बराड़ अब भी फरार बताया जा रहा है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 'ऑपरेशन हार्डबॉल' नामक संयुक्त अभियान के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारत से जुड़े तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस अभियान में कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 11 आरोपी कैलिफोर्निया से पकड़े गए। कुल 37 आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग अभियोग दायर किए गए हैं। इनमें से कुछ आरोपी पहले से ही हिरासत में हैं, जबकि 10 फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कई वर्षों से चल रही जांच का हिस्सा है, जिसमें हत्या, रंगदारी, गोलीबारी, मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध जैसे मामलों की जांच की जा रही है। सितंबर 2025 में कनाडा सरकार ने बिश्नोई गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हत्या में भारत सरकार की संभावित संलिप्तता का आरोप लगाया था, जिसे भारत ने पूरी तरह खारिज करते हुए 'निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताया था।
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