ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो “लूला” दा सिल्वा ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर “एक नई संयुक्त राष्ट्र संस्था” बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने स्विट्ज़रलैंड में अपनी नई पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शुरुआत की थी।
शुक्रवार को दिए गए एक भाषण में लूला ने कहा, “संयुक्त राष्ट्र को सुधारने के बजाय क्या हो रहा है? राष्ट्रपति ट्रंप एक ऐसी नई संयुक्त राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव रख रहे हैं, जिसके मालिक सिर्फ वही होंगे।” रियो ग्रांडे दो सुल में बोलते हुए लूला ने यह भी कहा कि ट्रंप “ट्विटर के ज़रिये दुनिया चलाना चाहते हैं।”
लूला ने कहा, “यह हैरान करने वाला है। हर दिन वह कुछ न कुछ कहते हैं और हर दिन पूरी दुनिया उसी पर चर्चा करती है।” उन्होंने वैश्विक राजनीति में जिसे उन्होंने “जंगल का क़ानून” कहा, उसके खिलाफ बहुपक्षवाद (मल्टीलेट्रलिज़्म) का बचाव किया और चेतावनी दी कि “संयुक्त राष्ट्र चार्टर को नोचा जा रहा है।”
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लूला की ये टिप्पणियां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बातचीत के एक दिन बाद आई हैं, जिसमें शी ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में संयुक्त राष्ट्र की “केंद्रीय भूमिका” की रक्षा करने का आग्रह किया था। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब व्हाइट हाउस अमेरिका को संयुक्त राष्ट्र की दर्जनों संस्थाओं से अलग कर रहा है और ट्रंप अपने ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे को शुल्कों और सैन्य धमकियों के ज़रिये वैश्विक राजनीति और व्यापार पर थोप रहे हैं।
ट्रंप ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शुरुआत की। इस बोर्ड में इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल हैं, जिन पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने युद्ध अपराधों के आरोप लगाए हैं। बोर्ड के चार्टर में ग़ाज़ा का ज़िक्र नहीं होने से इसके दायरे को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी संयुक्त राष्ट्र संस्था इस समय धन की कमी से जूझ रही है, जबकि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के मसौदा चार्टर में सदस्य बने रहने के लिए देशों से तीन साल बाद एक अरब डॉलर देने की शर्त रखी गई है।
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