महाराष्ट्र विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र की 17 सीटों में से 11 सीटों के नतीजे सोमवार को घोषित कर दिए गए। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) इस चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
इन 17 सीटों में से 6 उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जो सभी महायुति गठबंधन से संबंधित थे। शेष 11 सीटों के लिए मतदान 18 जून को हुआ था, जिसमें लगभग 99.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो अत्यंत प्रभावशाली माना जा रहा है।
घोषित परिणामों के अनुसार, भाजपा ने 10 सीटें अपने नाम कीं, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 1 सीट मिली। वहीं एक सीट पर एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। इस प्रकार महायुति ने कुल मिलाकर विधानसभा परिषद चुनाव में मजबूत पकड़ बनाई, जबकि एमवीए को करारा झटका लगा।
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इन चुनावों में नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के प्रतिनिधियों ने मतदान किया। यह चुनाव कई प्रमुख क्षेत्रों में हुए, जिनमें नागपुर, अमरावती, छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद-जालना), जलगांव, सांगली, सतारा, नांदेड़, धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद-लातूर), बीड, परभणी, हिंगोली, नासिक और सोलापुर शामिल हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में महायुति की बढ़ती ताकत और विपक्षी गठबंधन की कमजोरी को दर्शाता है। खासकर भाजपा के लिए यह जीत आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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