पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के एक दिन बाद बड़ा फैसला लेते हुए राज्य पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी की अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था वापस लेने का आदेश दिया है। हालांकि, दोनों नेताओं की Z+ श्रेणी की मूल सुरक्षा बरकरार रहेगी।
सूत्रों के मुताबिक, यह निर्णय समीक्षा बैठक में लिया गया और बुधवार सुबह 6:30 बजे तक सभी अतिरिक्त सुरक्षा तैनातियां हटाने के निर्देश दिए गए। इसके तहत ममता बनर्जी के आवास की ओर जाने वाली हरिश चटर्जी स्ट्रीट पर लगाए गए बैरिकेड्स हटाए जाएंगे। वहीं, कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के घर के आसपास की अतिरिक्त सुरक्षा घेरा भी समाप्त किया जाएगा। इसके अलावा, कैमैक स्ट्रीट स्थित कार्यालय के बाहर की अतिरिक्त तैनाती भी हटा दी जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल Z+ सुरक्षा से ऊपर की अतिरिक्त परतों को हटाया जा रहा है। Z+ सुरक्षा भारत में उच्चतम स्तर की सुरक्षा श्रेणी (SPG को छोड़कर) मानी जाती है, जिसमें लगभग 55 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। इसमें एनएसजी कमांडो, स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ के जवान शामिल रहते हैं, जो 24 घंटे सुरक्षा प्रदान करते हैं।
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इस बीच, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव परिणाम को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जनादेश नहीं बल्कि एक साजिश है। भारतीय जनता पार्टी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया, जिससे तृणमूल कांग्रेस का 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया। टीएमसी को केवल 80 सीटें मिलीं।
ममता बनर्जी ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी और यह हार जनता की नहीं बल्कि साजिश का परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने पद से हटने वाली नहीं हैं।
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