बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन के मामले को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए, लेकिन इस मुद्दे का राजनीतिकरण भी नहीं होना चाहिए।
मायावती ने अपने बयान में कहा कि श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की चोरी, गबन और हेराफेरी से जुड़ी खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जो बेहद चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
बसपा प्रमुख ने सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए देश के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों की तरह श्रीराम मंदिर में भी चढ़ावे के संग्रह और लेखा-जोखा की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।
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मायावती ने अपराध, राजनीति और धर्म को एक-दूसरे से जोड़ने के खिलाफ भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण, धर्म का राजनीतिकरण और राजनीति का अंधाधुंध धार्मिककरण—इन सभी से बचना चाहिए। उन्होंने इसे संविधान की भावना के अनुरूप बताते हुए सभी राजनीतिक दलों और देशवासियों से संयम बरतने की अपील की।
उधर, इस मामले की जांच लगातार तेज हो रही है। अब तक चढ़ावे की नकदी गिनने से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं, पूर्व राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव चंपत राय से पुलिस ने करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, उनसे मंदिर प्रशासन, चढ़ावे के प्रबंधन और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनमें से कई का वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस अब उनके बयान की अन्य साक्ष्यों और दस्तावेजों से तुलना कर आगे की कार्रवाई करेगी।
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