मेटा (Meta) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में दबदबा बनाने की तेज दौड़ के बीच कंपनी के अंदर कर्मचारियों में डर और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा पर रिपोर्ट के अनुसार, भारी छंटनी, कर्मचारियों की निगरानी और लगातार हो रहे इस्तीफों ने संगठन के अंदर तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया है।
साल 2025 की शुरुआत से ही मेटा में बार-बार बड़े पैमाने पर छंटनी हुई है। इसी साल वसंत में कंपनी ने अपने लगभग 10 प्रतिशत कर्मचारियों, यानी करीब 8,000 लोगों की नौकरी खत्म कर दी थी। इसके बाद से कर्मचारियों के बीच असुरक्षा और असंतोष का माहौल लगातार बढ़ रहा है।
कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के नेतृत्व में मेटा हर साल अरबों डॉलर एआई तकनीक विकसित करने में निवेश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य एआई क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना है, लेकिन इस तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर कर्मचारियों पर साफ दिखाई दे रहा है।
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रिपोर्टों के मुताबिक, मेटा के भीतर काम करने वाले कई कर्मचारी कंपनी की नीतियों और कार्य संस्कृति से असंतुष्ट हैं। लगातार निगरानी, कार्य दबाव और नौकरी जाने के डर ने कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित किया है। कई कर्मचारी कंपनी छोड़ भी चुके हैं, जिससे टैलेंट लॉस की समस्या भी बढ़ी है।
हालांकि कंपनी का दावा है कि एआई में भारी निवेश भविष्य के लिए जरूरी है, लेकिन अंदरूनी स्थिति यह संकेत देती है कि विकास की इस दौड़ में कर्मचारियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टेक कंपनियों में एआई को लेकर चल रही प्रतिस्पर्धा आने वाले समय में और अधिक पुनर्गठन और छंटनी का कारण बन सकती है। फिलहाल मेटा के भीतर का माहौल अस्थिर माना जा रहा है, जहां विकास और असंतोष दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
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