मोज़ाम्बिक में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण आई भीषण बाढ़ ने व्यापक तबाही मचा दी है। सहायता एजेंसियों और चश्मदीदों के अनुसार, बाढ़ के चलते हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है, जबकि कई लोग बढ़ते पानी के बीच छतों पर फंसे हुए हैं।
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज़ (IFRC) के मुताबिक, इस विनाशकारी बाढ़ से अब तक 6 लाख 20 हजार से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। बाढ़ में 72 हजार से ज्यादा घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, जबकि सड़कों, पुलों और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित जरूरी बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। IFRC इस संकट के दौरान आपातकालीन राहत सहायता उपलब्ध करा रहा है।
IFRC की प्रोग्राम और ऑपरेशंस मैनेजर रैचल फाउलर ने रॉयटर्स को बताया कि आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की आशंका है और बांध पहले से ही पूरी क्षमता पर हैं। ऐसे में स्थिति और बिगड़ सकती है और ज्यादा लोग खतरे में पड़ सकते हैं।
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रेड क्रॉस के स्वयंसेवक छोटी मछली पकड़ने वाली नौकाओं से लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई इलाकों में पहुंचना मुश्किल होता जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका ने भी राहत कार्यों में मदद के लिए अपना एक वायुसेना हेलीकॉप्टर तैनात किया है।
दक्षिणी मोज़ाम्बिक के मापुटो प्रांत के मन्हीका जिले से बताया गया कि हेलीकॉप्टर से बचाए गए लोगों को चिकित्सा सहायता, भोजन और अस्थायी आश्रय दिया जा रहा है।
25 वर्षीय अस्पताल कर्मचारी सेलेस्टे मारिया ने बताया कि बाढ़ की चेतावनी के बाद उनका परिवार भागकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा। उन्होंने कहा कि उनका घर पूरी तरह पानी में डूब चुका है और कई पड़ोसी अब भी छतों पर शरण लिए हुए हैं।
हवाई तस्वीरों में दूर-दूर तक पानी ही पानी दिखाई दे रहा है, जहां सिर्फ पेड़ों की चोटियां नजर आ रही हैं। अधिकारियों ने अभी तक हताहतों के आंकड़े जारी नहीं किए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि मोज़ाम्बिक में बार-बार हो रही ऐसी प्राकृतिक आपदाएं जलवायु परिवर्तन से जुड़ी हुई हैं।
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