मध्य प्रदेश में पेपर लीक मामलों को लेकर छात्रों और युवाओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। शुक्रवार शाम राजधानी भोपाल समेत राज्य के कई हिस्सों में छात्रों ने प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई।
भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहा पर बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने देशभर में चल रहे आंदोलनों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की और सरकार से पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परीक्षा व्यवस्था में ऐसे सुधार किए जाएं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के लिए सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
छात्रों ने कहा कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दी जाए और प्रभावित छात्रों को न्याय मिले।
गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में नीट-यूजी पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। छात्र संगठन परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शिता बढ़ाने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखी और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
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