जापान के नागासाकी शहर ने रविवार, 9 अगस्त 2026 को अमेरिका द्वारा किए गए परमाणु बम हमले की 81वीं बरसी मनाई। इस मौके पर नागासाकी के मेयर ने परमाणु हथियारों को “पूर्ण बुराई” बताते हुए दुनिया में बढ़ते परमाणु प्रतिरोध के समर्थन पर चिंता जताई। उन्होंने जापान सरकार से युद्ध के बाद अपनाए गए देश के तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों का पालन करने की अपील की।
9 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के नागासाकी शहर पर परमाणु बम गिराया था। इससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई और हजारों लोगों की मौत हुई। हिरोशिमा पर परमाणु हमले के तीन दिन बाद नागासाकी पर हमला किया गया था। इन घटनाओं ने द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण को निर्णायक रूप से प्रभावित किया।
इस वर्ष की बरसी ऐसे समय में आई है जब जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची की सरकार देश की रक्षा नीति में बदलाव कर रही है। सरकार जापानी सेना की आक्रामक क्षमताओं को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। इसे लेकर देश में सुरक्षा और परमाणु नीति पर बहस तेज हो गई है।
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नागासाकी के मेयर ने परमाणु हथियारों पर निर्भरता बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि परमाणु प्रतिरोध की नीति दुनिया को अधिक सुरक्षित बनाने के बजाय जोखिम बढ़ा सकती है।
प्रधानमंत्री साने ताकाइची परमाणु प्रतिरोध की समर्थक मानी जाती हैं। ऐसे में अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या उनकी सरकार भविष्य में जापान में परमाणु हथियारों की तैनाती या उन्हें देश में लाने की अनुमति दे सकती है। ऐसा कदम जापान के तीसरे गैर-परमाणु सिद्धांत के विपरीत होगा।
जापान के तीन गैर-परमाणु सिद्धांतों में परमाणु हथियार न रखने, न बनाने और देश में उनके प्रवेश की अनुमति न देने की नीति शामिल है। नागासाकी की बरसी पर इन सिद्धांतों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
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