नासा का आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गया है, जिससे 50 साल में पहली बार मानवों को चंद्रमा के चारों ओर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा में लगभग 25 घंटे बिताएंगे, इसके बाद वे चंद्रमा की ओर एक त्वरित उड़ान की शुरुआत करेंगे।
इस मिशन में नासा के अंतरिक्ष यान "ऑरियन" का उपयोग किया गया है, और इस मिशन की कमान कमांडर रीड विसमैन ने संभाली। उनके साथ पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टिना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन भी हैं। यह टीम अब तक की सबसे विविध चंद्र मिशन टीम है, जिसमें पहली महिला, पहली रंगीन व्यक्ति और पहली गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं।
इस मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा से हजारों मील दूर यात्रा करेंगे, इसके बाद वे चंद्रमा की ओर एक त्वरित मोड़ लेकर पृथ्वी पर वापस लौटेंगे। यह मिशन एक तेज़ बाहर और वापस जाने वाली यात्रा होगी, जिसका समय दस दिन से भी कम होगा। नासा इस मिशन को चंद्रमा पर मानव लैंडिंग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानता है, जो 2028 में होने की उम्मीद है।
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इस यात्रा के दौरान, मिशन ने एक संक्षिप्त संचार समस्या का सामना किया, जिसे जल्दी ही ठीक कर लिया गया। अब अंतरिक्ष यात्री कक्षा में सभी प्रणालियों का परीक्षण कर रहे हैं, और अगले दिन मिशन के मुख्य इंजन को चालू कर चंद्रमा की ओर उड़ान भरने की योजना है।
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