ईरान के प्रमुख परमाणु केंद्र नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर शनिवार को अमेरिका और इजराइल द्वारा संयुक्त हवाई हमला किया गया। ईरान की सरकार के अनुसार, इस हमले के बावजूद किसी भी तरह के रेडिएशन रिसाव की पुष्टि नहीं हुई है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और हालात शांत होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब नतांज परमाणु केंद्र को निशाना बनाया गया है। इससे पहले युद्ध के शुरुआती दिनों में भी इस पर हमला हुआ था, जिसमें कई संरचनाओं को नुकसान पहुंचा था।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने पहले भी कहा था कि पिछले हमले में कोई रेडियोधर्मी प्रभाव नहीं पड़ा था। नतांज केंद्र तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है और यह ईरान का प्रमुख यूरेनियम संवर्धन स्थल है।
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इस बीच ईरान की ओर से वैश्विक स्तर पर हमलों की धमकी का जिक्र किया गया था। क्षेत्र में हवाई हमले, ड्रोन हमले और मिसाइलों का आदान-प्रदान लगातार जारी है।
वहीं, सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने अपने पूर्वी क्षेत्र में कई ड्रोन हमलों को नाकाम किया है।
लगातार बढ़ते इस संघर्ष के बीच वैश्विक तेल बाजार में भी उथल-पुथल देखी जा रही है और कीमतों में तेजी आई है। फिलहाल इस युद्ध के जल्द खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।
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