नेपाल में भीषण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या 900 के पार पहुंच गई है। लगातार बिगड़ती स्थिति के बीच अधिकारियों ने कई इलाकों के लिए नई चेतावनी जारी की है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने मौजूदा हालात को देश के सामने खड़ी एक ‘अकल्पनीय’ आपदा बताया है।
भारी बारिश के कारण नेपाल के कई हिस्सों में नदियों और जलधाराओं का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव अपने साथ मिट्टी, पत्थर, पेड़ और मलबा लेकर आया, जिससे कई बस्तियां और सड़कें प्रभावित हुईं। कई इलाकों में घर, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
बाढ़ और भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रहे हैं। हालांकि, दुर्गम इलाकों में पहुंचने में कठिनाई के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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अधिकारियों ने लोगों को नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में दोबारा भारी बारिश की संभावना जताते हुए अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपदा से उत्पन्न स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि देश ऐसी त्रासदी का सामना कर रहा है, जिसकी भयावहता की कल्पना करना भी मुश्किल है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।
आपदा के बाद नेपाल में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित निकासी की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन भी कर रही है।
इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल के सामने मानवीय संकट को और गंभीर कर दिया है। बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने के कारण आने वाले दिनों में राहत, पुनर्वास और बुनियादी ढांचे को बहाल करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती रहने वाला है।
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