भूटान की राजधानी थिम्पू में बड़े पैमाने पर किए गए भूकंप आपदा अभ्यास ने आपातकालीन उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता से जुड़ी कई कमियों को सामने रखा है। इस अभ्यास में नेपाल के भूकंप विशेषज्ञों ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। इसका उद्देश्य बड़े भूकंप की स्थिति में प्रशासन, अस्पतालों और आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों के बीच बेहतर समन्वय की क्षमता को परखना था।
अभ्यास के दौरान भूटानी अधिकारियों ने करीब 7.5 तीव्रता के भूकंप जैसी स्थिति तैयार की। इसमें बड़े पैमाने पर जनहानि, इमारतों के क्षतिग्रस्त होने, सड़कों के बाधित होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का परिदृश्य बनाया गया। अधिकारियों को ऐसी आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों के लिए निर्णय लेने, संचार व्यवस्था बनाए रखने, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय करने और आवश्यक संसाधन जुटाने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, भूटानी अधिकारियों ने देश के सबसे बड़े रेफरल अस्पताल और दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को शामिल करते हुए बड़ी संख्या में घायलों और मरीजों वाला परिदृश्य तैयार किया। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की आपात स्थिति में क्षमता और तैयारियों की भी जांच की गई।
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अभ्यास का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह पता लगाना था कि किसी बड़े प्राकृतिक हादसे के दौरान उपलब्ध संसाधनों का कितनी प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। साथ ही, आपदा के बाद राहत कार्यों में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को भी समझने का प्रयास किया गया।
नेपाल के विशेषज्ञों की भागीदारी ने भूटान को भूकंप जैसी आपदाओं से निपटने के लिए अपनी तैयारियों का मूल्यांकन करने में मदद की। इस अभ्यास से सामने आई कमियों के आधार पर दोनों देशों के बीच आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत किए जाने की संभावना है।
यह पहल क्षेत्रीय स्तर पर आपदा जोखिम कम करने और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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