इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि बुधवार को हुई फ्लाईदुबई विमान घटना के पीछे जो भी लोग शामिल होंगे, उन्हें ‘बहुत भारी कीमत’ चुकानी पड़ेगी। हालांकि, उन्होंने किसी देश की संलिप्तता का कोई प्रमाण पेश नहीं किया।
नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ तस्वीर स्पष्ट हो रही है। उनके अनुसार, हमलावर कथित तौर पर इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और सभी यात्रियों के साथ विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने कहा कि जांच की जा रही है कि क्या आरोपी को किसी ने भेजा था। यदि ऐसा साबित होता है, तो उसे भेजने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नेतन्याहू ने किसी देश का नाम नहीं लिया।
और पढ़ें: फ्लाईदुबई के सह-पायलट ने ली थी कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा की शिक्षा: नेतन्याहू
इससे पहले उन्होंने कहा था कि इजरायल जाने वाली फ्लाईदुबई उड़ान को दुर्घटनाग्रस्त करने का कथित प्रयास करने वाले संदिग्ध का ‘इस्लामी कट्टरपंथी विचारधारा के तहत ब्रेनवॉश’ किया गया था। उन्होंने कहा कि संदिग्ध को किसने प्रभावित किया, इसकी जानकारी अभी नहीं है और इजरायल संयुक्त अरब अमीरात की जांच में सहयोग कर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान की संभावित संलिप्तता की बात कही थी, लेकिन उपलब्ध जानकारी में इसका कोई पुष्ट प्रमाण नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा था कि यदि ईरान की भूमिका साबित होती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईदुबई के सह-पायलट ने उड़ान के दौरान भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को अंदर आने दिया, जिन्होंने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान ने बाद में सऊदी अरब में आपात लैंडिंग की। घटना में किसी की मौत नहीं हुई।
और पढ़ें: नेतन्याहू ने यूएई नेता से गुप्त मुलाकात की, द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर चर्चा