न्यूजीलैंड सरकार ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए सोमवार को नया कानून पेश किया। इसके साथ न्यूजीलैंड उन देशों की सूची में शामिल हो गया है, जो बच्चों और किशोरों को इंस्टाग्राम, टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया मंचों से दूर रखने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं।
प्रस्तावित कानून के तहत सोशल मीडिया कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 16 साल से कम उम्र के बच्चे उनके मंचों का इस्तेमाल न कर सकें। कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े संभावित जोखिमों का आकलन भी करना होगा और यह बताना होगा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए उन जोखिमों को कम करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रस्ताव का उद्देश्य बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित नकारात्मक प्रभावों से बचाना और ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करना है।
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न्यूजीलैंड का यह कदम ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई देश बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर चिंता जता रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य, ऑनलाइन उत्पीड़न, अनुचित सामग्री और सोशल मीडिया की लत जैसे मुद्दों को लेकर अभिभावकों और सरकारों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने शुरू की थी पहल
ऑस्ट्रेलिया ने दिसंबर में दुनिया का पहला ऐसा कानून लागू किया था, जिसके तहत बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया। इसके बाद ब्रिटेन, फ्रांस और कई अन्य देशों ने भी नाबालिगों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियंत्रण बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं।
न्यूजीलैंड सरकार का कहना है कि बच्चों को डिजिटल दुनिया के लाभ मिलते रहें, लेकिन उनकी सुरक्षा से समझौता न हो। प्रस्तावित कानून में सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
अब इस विधेयक पर आगे संसदीय प्रक्रिया के तहत विचार किया जाएगा। इसके लागू होने पर 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल के नियम पहले की तुलना में काफी सख्त हो जाएंगे।
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