नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी राज्य बोर्नो में घात लगाकर किए गए एक हमले में कम से कम नौ नाइजीरियाई सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह जानकारी सोमवार (5 जनवरी, 2026) को दो सुरक्षा सूत्रों ने दी। हमला उस समय हुआ जब सैनिकों का काफिला सड़क किनारे लगाए गए बारूदी सुरंग से टकरा गया और इसके बाद आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार, यह घटना रविवार (4 जनवरी, 2026) को बिंदुंदुल गांव के पास हुई, जो कारेटो से करीब 20 किलोमीटर दूर है। यह इलाका इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रांत (आईएसडब्ल्यूएपी) के आतंकियों की गतिविधियों के लिए जाना जाता है, जहां वे अक्सर नाके लगाते हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहते हैं।
दमासक ब्रिगेड से जुड़े एक सैन्य सूत्र ने बताया कि आतंकियों ने पहले से सड़क पर बारूदी सुरंग बिछा रखी थी। जैसे ही सैन्य काफिला वहां से गुजरा, सुरंग में विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि एक बख्तरबंद वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके तुरंत बाद आतंकियों ने इधर-उधर से गोलीबारी शुरू कर दी।
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बचाव अभियान में शामिल सिविलियन जॉइंट टास्क फोर्स के सदस्य अब्बा काका तुजा ने कहा, “दुर्भाग्य से लगभग नौ सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।” उन्होंने बताया कि घायल सैनिकों को इलाज के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
बताया गया है कि सैनिक मैदुगुरी से मोब्बार स्थानीय सरकार क्षेत्र के मुख्यालय दमासक की ओर जा रहे थे, तभी शाम करीब 4 बजे (1600 जीएमटी) यह हमला हुआ। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, हालांकि सैन्य अधिकारियों ने अभी तक इस पर आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
नाइजीरिया का उत्तर-पूर्वी क्षेत्र लंबे समय से हिंसा की चपेट में है। हाल के महीनों में आईएसडब्ल्यूएपी और बोको हराम ने सैन्य काफिलों और आम नागरिकों पर हमले तेज कर दिए हैं। इसके अलावा, देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में भी तनाव बना हुआ है, जहां पिछले महीने अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट के आतंकियों पर हवाई हमला किया था।
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