नॉर्वे के तीन दोस्तों ने एक ऐसा कारनामा किया है, जिसे आमतौर पर सिर्फ माता-पिता मजाक में ही कहते हैं। उन्होंने अपने बचपन के वीडियो गेम के सपने को हकीकत में बदल दिया और एक वीडियो गेम बनाया, जिसे उन्होंने ज्यादातर रात के समय, अपने बच्चों के सो जाने के बाद तैयार किया।
इस अनोखी कहानी में शामिल हैं किम स्कोगवोल्ड, एक किंडरगार्टन टीचर; हॉवर रिंगहाइम, एक पर्चेसिंग मैनेजर; और क्रिस्टियन वांगेन, जो एक वेयरहाउस में काम करते हैं। ये तीनों 2006 से एक-दूसरे को जानते हैं और अब ओस्लो और लारविक में रहते हैं। उनके बीच छह बच्चे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, उनकी शुरुआत सामान्य गेमिंग नाइट्स और मूवी मैराथन से हुई थी। धीरे-धीरे यह आदत एक “नाइट शिफ्ट” में बदल गई। इसका मतलब था कि जब घर के काम पूरे हो जाएं, परिवार सो जाए और घर शांत हो, तब वे एक साथ लॉग इन करके गेम पर काम करना शुरू कर देते।
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इन दोस्तों ने अपने पेशेवर और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सालों तक रातों में काम किया। उनकी मेहनत और लगन का परिणाम अब एक वीडियो गेम के रूप में सामने आया है। गेम की सफलता ने यह दिखाया कि जुनून और लगातार प्रयास किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकते हैं।
यह कहानी सिर्फ गेमिंग के शौक के बारे में नहीं है, बल्कि यह मित्रता, समर्पण और समय प्रबंधन की प्रेरणादायक मिसाल भी है। इन तीनों ने यह साबित किया कि सही योजना और दृढ़ संकल्प से सीमित समय में भी बड़े काम किए जा सकते हैं।
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