अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक बाजारों की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत शांत रही। सोमवार (5 जनवरी 2026) को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के दाम तेज़ी से बढ़े। निवेशकों ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दी।
सोमवार को कारोबार शुरू होने के कुछ ही देर बाद अमेरिकी बेंचमार्क कच्चा तेल मामूली बढ़त के साथ खुला, लेकिन बाद में 36 सेंट गिरकर 56.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड भी 34 सेंट टूटकर 60.41 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। विश्लेषकों का कहना है कि तेल की आपूर्ति पहले से ही पर्याप्त है और कीमतें पिछले लगभग छह महीनों के निचले स्तर के आसपास चल रही थीं।
एशियाई शेयर बाजारों में तेज़ी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 3% उछलकर 51,832.80 पर बंद हुआ, जो हालिया उच्चतम स्तरों में से एक है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.4% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। ताइवान का बेंचमार्क सूचकांक 2.6% चढ़ा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का बाजार लगभग स्थिर रहा।
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यूरोप में भी बाजारों ने सकारात्मक रुख दिखाया। जर्मनी का डैक्स 0.8%, फ्रांस का कैक 40 0.3% और ब्रिटेन का एफटीएसई 100 0.2% चढ़ा। कैपिटल इकोनॉमिक्स के थॉमस मैथ्यूज़ ने कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी सुर्खियों में जरूर है, लेकिन निकट भविष्य में इसके आर्थिक और वित्तीय प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।
इस बीच, सोने की कीमत 2.7% और चांदी की कीमत 6.6% बढ़ी। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे परिसंपत्तियों को भू-राजनीतिक संकट के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है। अमेरिका में इस सप्ताह प्रमुख आर्थिक आंकड़े जारी होने हैं, जिनसे 2025 के अंत और 2026 की दिशा को लेकर स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है।
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