महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर 'ऑपरेशन टाइगर 2.0' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कई विधायक उनके संपर्क में हैं और जल्द ही उनके गुट में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उद्धव गुट ने इन दावों को पूरी तरह निराधार बताया है।
यह दावा ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे, जिससे उद्धव ठाकरे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। सूत्रों के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के तीन से चार विधायकों ने हाल ही में एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर बताया कि 12 से 14 विधायक शिंदे गुट में आने के इच्छुक हैं। हालांकि, इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि किसी भी पक्ष ने नहीं की है।
इस बीच, हाल ही में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की विधायक दल की बैठक आयोजित हुई थी। गठबंधन के 60 विधायकों में से केवल 37 विधायक ही बैठक में पहुंचे। इसके बाद विपक्ष की ओर से सफाई दी गई कि कई विधायक पहले से तय कार्यक्रमों और निजी कारणों के चलते बैठक में शामिल नहीं हो सके।
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कई विधायकों की अनुपस्थिति के बाद 'ऑपरेशन टाइगर 2.0' की अटकलों को और बल मिला है। शिंदे गुट का दावा है कि शिवसेना (यूबीटी) के 20 विधायकों में से 14 से 16 विधायक उनके संपर्क में हैं। हालांकि, शिंदे गुट का कहना है कि वे किसी भी विधायक को तोड़ने की कोशिश नहीं कर रहे, बल्कि विधायक स्वयं उनके संपर्क में आ रहे हैं। साथ ही संकेत दिए गए हैं कि आने वाले दिनों में और भी विधायक उनके गुट में शामिल हो सकते हैं।
इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि पार्टी के सभी विधायक उद्धव ठाकरे के संपर्क में हैं और किसी भी तरह की टूट की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जल्द ही शिंदे गुट यह भी दावा करेगा कि वह देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी तोड़ने की कोशिश कर रहा है। राउत ने कहा कि यदि 'ऑपरेशन टाइगर' से किसी को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है, तो वह स्वयं देवेंद्र फडणवीस हैं।
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