पूर्व भारतीय राजनयिक संजय सुधीर ने पाकिस्तान के उस दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें वह खुद को अंतरराष्ट्रीय मामलों में “मध्यस्थ” के रूप में पेश कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान की भूमिका “सिर्फ एक संदेशवाहक” से अधिक नहीं है।
संजय सुधीर ने कहा कि पाकिस्तान बार-बार अपनी कूटनीतिक भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की कोशिश करता है, ताकि वह वैश्विक मंच पर खुद को प्रभावशाली साबित कर सके। उनके अनुसार, किसी भी देश को मध्यस्थ बनने के लिए निष्पक्षता, विश्वसनीयता और संतुलित दृष्टिकोण की जरूरत होती है, जो पाकिस्तान के दावों में नजर नहीं आती।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की नीति हमेशा से यह रही है कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ मुद्दों को द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाना पसंद करता है। ऐसे में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।
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सुधीर ने पाकिस्तान के इस रुख को “ब्लफ” बताते हुए कहा कि यह केवल अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भ्रमित करने की रणनीति है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते और इनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के दावे क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकते हैं। इसलिए कूटनीतिक मामलों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है, ताकि शांति और स्थिरता बनाए रखी जा सके।
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