होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाते हुए ईरान के लिए छह नए जमीनी मार्ग खोल दिए हैं। यह निर्णय अमेरिकी प्रतिबंधों को चुनौती देने वाला माना जा रहा है और इससे क्षेत्रीय भू-राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इस कदम के जरिए पाकिस्तान ने ईरान के साथ व्यापारिक संपर्क मजबूत करने की कोशिश की है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ सकता है।
पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी “ट्रांजिट ऑफ गुड्स थ्रू टेरिटरी ऑफ पाकिस्तान ऑर्डर 2026” के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। यह फैसला हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में कई हफ्तों से जारी नौसैनिक गतिरोध के बाद लिया गया है, जिसके चलते हजारों कंटेनर कराची और पोर्ट कासिम पर फंसे हुए थे। नई व्यवस्था के तहत इन कंटेनरों को जमीनी मार्ग से ईरान तक पहुंचाया जा सकेगा।
इन छह मार्गों में ग्वादर से गब्द, कराची से ओरमारा-पासनी होते हुए गब्द, और कराची से खुजदार-डलबंदीन होते हुए तफ्तान जैसे प्रमुख रास्ते शामिल हैं। ये मार्ग पाकिस्तान के बंदरगाहों को ईरान की सीमा से जोड़ेंगे और समुद्री रास्तों के बंद होने की स्थिति में एक वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग प्रदान करेंगे।
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इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अमेरिका-ईरान तनाव का देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि तेल आयात बिल में भारी वृद्धि हुई है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ा है। सरकार ने स्थिति पर नजर रखने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है।
पाकिस्तान ने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी तेज किए हैं और दोनों देशों के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है।
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