फिलीपींस के दक्षिणी तट के पास आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप और उसके बाद आई सुनामी ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि बचाव दल अभी भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।
स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे आए इस भूकंप का केंद्र मिंडानाओ द्वीप के सरंगानी प्रांत के निकट समुद्र में लगभग 33 किलोमीटर की गहराई पर था। यह इस वर्ष फिलीपींस में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है।
भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं, मलबा गिरा और भूस्खलन की घटनाएं हुईं। सरंगानी प्रांत के ग्लान क्षेत्र में भूस्खलन के कारण 13 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा दक्षिण कोटाबाटो, दावाओ ऑक्सिडेंटल और बलुत द्वीप से भी मौतों की खबरें आई हैं। जनरल सैंटोस सिटी में कई भवन क्षतिग्रस्त हो गए, जहां चार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
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भूकंप के बाद आई सुनामी की लहरें दक्षिणी फिलीपींस के तटीय इलाकों तक पहुंचीं। फिलीपींस ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान (फिवोल्क्स) के अनुसार, किआम्बा नगर में सुनामी की सबसे ऊंची लहर 1.4 मीटर दर्ज की गई। फिलीपींस, इंडोनेशिया, मलेशिया और जापान में सुनामी चेतावनी जारी की गई थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बंद रखने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। अमेरिका, जापान, फ्रांस और न्यूज़ीलैंड ने भी फिलीपींस को सहायता देने की पेशकश की है। प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" क्षेत्र में स्थित होने के कारण फिलीपींस अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियों का सामना करता है।
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