फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारत अब केवल दूसरे देशों द्वारा विकसित समाधानों का उपभोक्ता नहीं है, बल्कि दुनिया की बड़ी चुनौतियों के समाधान देने वाला महत्वपूर्ण भागीदार बन चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया में कई देश व्यापार और रणनीतिक साझेदारी करते हैं, लेकिन कुछ ही संबंध साझा दृष्टिकोण, विश्वास और मूल्यों पर आधारित होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस की साझेदारी भी ऐसे ही रिश्तों में से एक है, जो नवाचार, भरोसे और दीर्घकालिक लक्ष्यों पर आधारित है।
उन्होंने भारत-फ्रांस संबंधों को “कनेक्शन और कन्विक्शन” यानी जुड़ाव और विश्वास का अनूठा संगम बताया। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों का सहयोग अब केवल कूटनीति और व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसे उभरते क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज नवाचार का वैश्विक केंद्र बन रहा है और देश में स्टार्टअप क्रांति नई ऊंचाइयों को छू रही है।
कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों, निवेशकों और नवप्रवर्तकों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के युवा ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं, जो न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने कहा, “भारत टिकाऊ भविष्य के लिए नवाचार कर रहा है और दुनिया के लिए नवाचार कर रहा है।”
इस अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी भारत की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने चंद्रयान-3 चंद्रमा लैंडिंग मिशन का उल्लेख करते हुए भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता की प्रशंसा की।
मैक्रों ने भारत के वैश्विक नवाचार शक्ति के रूप में उभरने को प्रेरणादायक बताया और दोनों देशों के बीच तकनीक, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर बल दिया।
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