रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित भारतीय शांति सेना (आईपीकेएफ) स्मारक का दौरा किया और कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राजनाथ सिंह मंगलवार को श्रीलंका की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुंचे थे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने आईपीकेएफ स्मारक पहुंचकर शहीद सैनिकों के सम्मान में श्रद्धांजलि दी। यह स्मारक उन भारतीय जवानों की वीरता और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने श्रीलंका में अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए जान गंवाई।
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि उन्होंने कोलंबो स्थित आईपीकेएफ स्मारक का दौरा किया और उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कर्तव्य की पुकार पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।
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राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में यह भी कहा कि इन वीर जवानों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने सैनिकों की बहादुरी, समर्पण और राष्ट्र सेवा को सम्मानपूर्वक याद किया।
आईपीकेएफ की श्रीलंका में भूमिका भारत और श्रीलंका के संबंधों के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। भारतीय शांति सेना के जवानों ने वहां चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्वों का निर्वहन किया था।
रक्षा मंत्री की यह श्रद्धांजलि यात्रा ऐसे समय हुई है, जब भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा एवं रणनीतिक सहयोग को लगातार मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को और व्यापक बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
आईपीकेएफ स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रक्षा मंत्री ने देश की ओर से शहीद भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त किया और उनके बलिदान को राष्ट्रीय स्मृति में अमर बताया।
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