रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भारत के सैटेलाइट संचार क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का स्वागत किया है। कंपनी ने एलन मस्क की स्टारलिंक सहित विदेशी कंपनियों के प्रवेश पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि भारत में कारोबार करने वाले हर आवेदक पर कानून और नियम समान रूप से लागू होने चाहिए।
रिलायंस ने कहा कि भारत निवेश और नवाचार का स्वागत करने वाला देश है। यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की कंपनियों को लोगों के जीवन में सुधार लाने वाली तकनीक विकसित करने का अवसर मिलता है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया कि इस खुले बाजार की बुनियाद कानून का शासन है।
कंपनी के मुताबिक, भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि सैटेलाइट सेवाओं के लिए आवेदन करने वाली भारतीय और विदेशी कंपनियों के साथ समान प्रक्रिया अपनाई जाती है। रिलायंस ने यह भी बताया कि उसकी दूरसंचार कंपनी जियो की सैटेलाइट सेवाओं को अभी आवश्यक मंजूरियों का इंतजार है।
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जियो की सफलता का दिया उदाहरण
रिलायंस ने अपने बयान में वर्ष 2016 में जियो के दूरसंचार बाजार में प्रवेश का उल्लेख किया। कंपनी ने कहा कि उस समय जियो के पास एक भी ग्राहक नहीं था और बाजार में पहले से कई प्रतिस्पर्धी मौजूद थे।
इसके बावजूद, जियो ने किफायती डेटा सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं के जरिए ग्राहकों का भरोसा हासिल किया। रिलायंस के अनुसार, केवल दस वर्षों में जियो के ग्राहकों की संख्या 53 करोड़ से अधिक हो गई है।
कंपनी ने दावा किया कि जियो ने भारतीय उपभोक्ताओं को दुनिया की सबसे किफायती डेटा सेवाओं और बेहतर डिजिटल बुनियादी ढांचे में से एक उपलब्ध कराने में योगदान दिया है।
प्रतिस्पर्धा से नहीं डरती कंपनी
रिलायंस ने कहा कि उसने कभी प्रतिस्पर्धा से डरने का रुख नहीं अपनाया। कंपनी के अनुसार, प्रतिस्पर्धा यह परखने का सबसे अच्छा तरीका है कि कौन ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
स्टारलिंक के भारत में सैटेलाइट इंटरनेट कारोबार को लेकर चर्चा के बीच रिलायंस का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कंपनी ने प्रतिस्पर्धा का समर्थन करते हुए समान नियमों और निष्पक्ष प्रक्रिया पर जोर दिया है।
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