नई शोध रिपोर्ट ने मिस्र के सबसे पुराने रहस्यों में से एक को फिर से उजागर कर दिया है, जिसमें यह संकेत मिल रहा है कि गीज़ा पठार के नीचे दूसरा स्फिंक्स छिपा हो सकता है। हालांकि यह अभी तक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह सिद्धांत प्राचीन मिस्र और स्फिंक्स की उत्पत्ति के बारे में हमारी समझ को बदल सकता है।
यह विचार बिल्कुल नया नहीं है। दशकों से इतिहासकारों ने बहस की है कि क्या प्रसिद्ध महान स्फिंक्स ऑफ गीज़ा का कभी कोई जोड़ीदार था। अब, प्राचीन चित्रकारी और आधुनिक स्कैनिंग तकनीक के संयोजन ने इस सिद्धांत को फिर से प्रकाश में लाया है।
इस चर्चा के केंद्र में है ड्रीम स्टेला, एक पत्थर की स्लैब जो थूटमोसेस चौथे के शासनकाल (लगभग 1401 ईसा पूर्व) में महान स्फिंक्स की पंजों के बीच स्थापित की गई थी। इस स्टेला पर दो स्फिंक्स जैसे रूप दिखाई देते हैं, जिससे कुछ विद्वानों ने यह अनुमान लगाया कि यह केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि वास्तविकता पर आधारित हो सकता है।
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शोधकर्ताओं का मानना है कि यदि गीज़ा के नीचे दूसरा स्फिंक्स पाया जाता है, तो यह प्राचीन मिस्र के स्थापत्य और धर्म की हमारी समझ को पूरी तरह बदल सकता है। इसके अलावा यह खोज पुरातत्वविदों के लिए नए अनुसंधान और खुदाई के अवसर भी खोल सकती है।
इस रहस्य ने पुरातत्व और इतिहास प्रेमियों के बीच उत्सुकता और बहस को फिर से जीवित कर दिया है। आधुनिक तकनीक और प्राचीन प्रमाणों का मेल भविष्य में इस विषय पर नए शोध और खोजों की संभावना को बढ़ा रहा है।
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