सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए भारतीय रेलवे की जमकर सराहना की। हालांकि, उन्होंने केंद्र सरकार को छात्र आंदोलन के दौरान किए गए वादों की भी याद दिलाई और उन्हें पूरा करने की अपील की।
वांगचुक ने बताया कि वह दिल्ली से श्रीनगर तक पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ट्रेन यात्रा उनका पसंदीदा साधन है और इस सफर के दौरान उन्हें चिनाब ब्रिज देखने का भी अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह यात्रा बेहद शानदार रही और उन्हें भारतीय रेलवे पर गर्व है। उन्होंने बताया कि कश्मीर में एक दिन विश्राम करने के बाद वह लद्दाख के लिए रवाना होंगे।
वांगचुक ने संसद में पेश किए गए परीक्षा सुधार विधेयक का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सुधार केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में व्यापक बदलाव लाएंगे।
और पढ़ें: राज्यसभा में खड़गे के भाषण पर हंगामा, मनुस्मृति वाले बयान का मूल पाठ मांगने पर अड़े जेपी नड्डा
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि छात्र आंदोलन के दौरान पहले उन्हें और बाद में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को दिए गए लिखित आश्वासनों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने भरोसा दिलाया था कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई एफआईआर या कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। इन वादों को पूरा करने से देश के युवाओं में विश्वास का माहौल मजबूत होगा।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने कथित पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की थी। 24 जुलाई को केंद्र सरकार द्वारा उनकी सभी प्रमुख मांगें स्वीकार किए जाने के बाद उन्होंने अपना अनशन समाप्त किया। 27 जुलाई को मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके बाद लद्दाख के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि वह आगे भी देश और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे।
और पढ़ें: पंजाब पेपर लीक मामले पर बीजेपी का AAP पर बड़ा हमला, केजरीवाल के खिलाफ कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन