वैश्विक तेल बाजार सोमवार, 2 मार्च 2026 से संभावित मूल्य वृद्धि की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता जा रहा है। इस क्षेत्र में इस्राइल और उसके सहयोगी संयुक्त राज्य अमेरिका (यू.एस.) ने शनिवार, 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हवाई हमले किए, जिस पर तेहरान ने प्रतिशोध में कार्रवाई की।
तेहरान ने अपनी सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद होर्मुज की खाड़ी बंद करने की घोषणा की है। यह जलमार्ग वैश्विक कच्चे तेल की लगभग पांचवीं हिस्सेदारी संभालता है, जिससे तेल बाजार में आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
तेल व्यापार के अंत में शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग $72.52 प्रति बैरल के स्तर पर स्थिर था। विशेषज्ञों का कहना है कि खाड़ी के बंद होने और क्षेत्रीय तनाव के कारण तेल की आपूर्ति में व्यवधान हो सकता है, जिससे कीमतों में तेजी आ सकती है।
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होर्मुज की खाड़ी बंद होने का प्रभाव न केवल तेल की कीमतों पर बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। यह जलमार्ग यूरोप, अमेरिका और एशिया में कई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है। अगर बंद लंबे समय तक जारी रहता है, तो देशों को वैकल्पिक स्रोतों की तलाश करनी पड़ेगी, जिससे परिवहन लागत और बीमा प्रीमियम में भी वृद्धि हो सकती है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही तात्कालिक आपूर्ति बाधा सीमित हो, लेकिन निवेशक और व्यापारी ब्रेंट क्रूड और अन्य तेल वायदा अनुबंधों में भविष्य की कीमतों को लेकर सतर्क हैं। वैश्विक तेल बाजार में यह स्थिति कीमतों में अस्थिरता और व्यापारिक जोखिम को बढ़ा सकती है।
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