तारिक रहमान की शानदार वापसी के साथ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में भारी जीत दर्ज की है। पार्टी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर दो दशकों बाद सत्ता में दमदार वापसी की। लगभग 59.44 प्रतिशत मतदान के बीच यह जीत ऐसे समय आई है जब शेख़ हसीना की अवामी लीग चुनाव लड़ने से बाहर रही। वहीं जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं, जिससे देश की राजनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा है।
17 साल के लंदन निर्वासन के बाद रहमान की वापसी ने उन्हें देश का प्रमुख नेता बना दिया है और वे अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। उन्होंने अपने अभियान में मेल-मिलाप और सुधार की बात करते हुए कहा कि उन्हें अपने देश और जनता के लिए स्पष्ट योजना है। उन्होंने प्रेरणा के तौर पर मार्टिन लूथर किंग जूनियर का उल्लेख भी किया।
1965 में जन्मे रहमान ने ढाका विश्वविद्यालय में पढ़ाई की और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए। उनके पिता जियाउर रहमान बीएनपी के संस्थापक थे, जबकि उनकी मां खालिदा जिया लंबे समय तक पार्टी का नेतृत्व करती रहीं। दिसंबर 2025 में उनकी मृत्यु के बाद रहमान ने पार्टी की कमान संभाली और तेजी से संगठन को पुनर्जीवित किया।
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उन्होंने गरीबों के लिए सहायता कार्ड, उद्योगों में विविधता और प्रधानमंत्री के कार्यकाल को 10 साल तक सीमित करने जैसे सुधारों का वादा किया है। दूसरी ओर, चुनाव परिणामों पर शेख़ हसीना ने सवाल उठाते हुए इसे धांधली बताया और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर आरोप लगाए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन ने बीएनपी को बधाई दी, जबकि नरेंद्र मोदी ने भी रहमान को फोन कर सहयोग का भरोसा जताया।
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