बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शांति, लोकतंत्र, विकास और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने का आह्वान किया है। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने बहुपक्षवाद और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों के समाधान के प्रति बांग्लादेश की प्रतिबद्धता दोहराई।
तारिक रहमान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान संवाद, कूटनीति और आपसी सहयोग के माध्यम से किया जाना चाहिए। उन्होंने निरस्त्रीकरण के समर्थन की बात भी दोहराई। फिलिस्तीन के मुद्दे पर उन्होंने फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार और स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के लिए बांग्लादेश के समर्थन को स्पष्ट किया।
रोहिंग्या संकट का उल्लेख करते हुए बांग्लादेशी प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सुरक्षित और टिकाऊ प्रत्यावर्तन के लिए अधिक सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में शरण ले रहे 12 लाख से अधिक रोहिंग्या लोगों की म्यांमार वापसी तक संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मानवीय सहायता जारी रखनी चाहिए।
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जलवायु परिवर्तन पर उन्होंने विकासशील देशों के लिए अधिक जलवायु वित्त, अनुकूलन सहायता और जलवायु न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बांग्लादेश में वृक्षारोपण, स्वच्छ एवं सौर ऊर्जा, जल संरक्षण और नहरों की खुदाई जैसे कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश के पुनर्निर्माण के लिए अपनी सरकार की तीन-आर रणनीति—रिकवरी, रेस्टोरेशन और रिकंस्ट्रक्शन यानी पुनर्बहाली, पुनर्स्थापन और पुनर्निर्माण—का खाका पेश किया। उन्होंने रोजगार सृजन, उद्यमिता, महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित पहलों को प्रमुखता दी।
उन्होंने विकासशील देशों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत प्रौद्योगिकियों तक समान पहुंच की मांग की। इसके साथ ही तकनीक हस्तांतरण, कौशल विकास और क्षमता निर्माण को भी जरूरी बताया।
अपने संबोधन के अंत में तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और कल्याणकारी लोकतांत्रिक समाज का निर्माण करना चाहता है, जहां नागरिक समान अधिकार, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जी सकें।
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