ईरान की राजधानी तेहरान में चल रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा छोड़ी गई आंसू गैस का असर एक अस्पताल के आसपास भी देखा गया। हालांकि, ईरानी रिपोर्ट्स में स्पष्ट किया गया है कि अस्पताल को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था। यह घटना मंगलवार देर रात (6 जनवरी, 2026) को सामने आई।
ईरान में महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत के खिलाफ बीते कुछ समय से व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने कई बार आंसू गैस का इस्तेमाल किया है, जो कई मौकों पर हिंसक और जानलेवा भी साबित हुए हैं। ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान तेहरान के मध्य इलाके में स्थित सिना अस्पताल के पास आंसू गैस छोड़ी गई।
ईरानी समाचार एजेंसी आईएसएनए (ISNA) ने तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के बयान के हवाले से बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सिना अस्पताल से सटी एक गली में आंसू गैस का प्रयोग किया गया था। सिना अस्पताल इसी विश्वविद्यालय से संबद्ध है। बयान में कहा गया कि सुरक्षा बलों की स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है कि वे गैस को भीड़ से दूर हटाने की कोशिश करते हैं। इसी कारण आंसू गैस का कुछ हिस्सा अनजाने में अस्पताल की ओर फैल गया।
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बयान में यह भी जोड़ा गया कि यह दावा तथ्यात्मक नहीं है कि सुरक्षा बलों ने जानबूझकर अस्पताल के अंदर या उसे लक्ष्य बनाकर आंसू गैस छोड़ी। अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल को किसी प्रकार का सीधा नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
इस बीच, The Indian Witness के अनुसार, इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक कम से कम 27 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें पांच नाबालिग भी शामिल हैं। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों के भी कुछ सदस्य मारे गए हैं। मंगलवार (6 जनवरी) को एक पुलिसकर्मी की गोली लगने से मौत होने की भी पुष्टि की गई है।
ईरान में जारी यह विरोध प्रदर्शन सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं, जहां आर्थिक संकट और सुरक्षा बलों की कार्रवाई दोनों ही मुद्दे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं।
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