थाईलैंड ने कंबोडिया पर सीमा पार मोर्टार फायरिंग के जरिए 10 दिन पुराने संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। थाई सेना के अनुसार, मंगलवार (6 जनवरी, 2026) को हुई इस घटना में एक थाई सैनिक के दाहिने हाथ में छर्रे लगने से चोट आई, हालांकि उसकी हालत गंभीर नहीं है। दूसरी ओर, कंबोडिया ने इसे “दुर्घटना” बताते हुए कहा कि कचरे के ढेर में विस्फोट हुआ, जिसमें उसके दो सैनिक घायल हो गए।
बैंकॉक स्थित विदेश मंत्रालय ने कहा कि थाई बलों ने जवाबी कार्रवाई नहीं की और घटना की पुष्टि के लिए कंबोडियाई पक्ष से संपर्क किया। मंत्रालय के अनुसार, कंबोडिया ने इसे एक हादसा बताया है। थाईलैंड ने कंबोडिया से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और औपचारिक माफी जारी करने की भी अपील की है।
थाई सेना ने आरोप लगाया कि कंबोडियाई बलों ने उबोन राचथानी प्रांत की ओर मोर्टार दागे, जिससे संघर्षविराम का उल्लंघन हुआ। हालांकि, कंबोडियाई सैन्य अधिकारियों ने थाई इकाइयों से संपर्क कर कहा कि थाई क्षेत्र में गोलीबारी का कोई इरादा नहीं था और यह परिचालन स्तर की गलती के कारण हुआ।
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कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय की प्रवक्ता माली सोचेआता ने बताया कि प्रेह विहेयर प्रांत में “व्यवस्था और संगठन” से जुड़े कार्यों के दौरान कचरे के ढेर में विस्फोट हुआ, जिससे दो कंबोडियाई सैनिक घायल हुए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह क्षेत्र ‘एमराल्ड ट्रायंगल’ के नाम से जाना जाता है, जहां थाईलैंड, कंबोडिया और लाओस की सीमाएं मिलती हैं।
थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने कहा कि उनकी सरकार ने कंबोडिया के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया है और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि थाईलैंड के पास जवाब देने की क्षमता है, हालांकि फिलहाल संयम बरता गया है।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच 800 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर दशकों पुराना विवाद है। दिसंबर में हुए संघर्षविराम के तहत दोनों देशों ने गोलीबारी रोकने, सैनिक गतिविधियों को स्थिर रखने और बारूदी सुरंग हटाने पर सहमति जताई थी, लेकिन सीमा निर्धारण का मुद्दा अब भी अनसुलझा है।
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