अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 13 फरवरी 2026 को वाशिंगटन में एक बयान देते हुए कहा कि हम भू-राजनीतिक संदर्भ में एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं, और इस बदलाव को समझने के लिए हमें अपनी भूमिका को पुनः परिभाषित करने की आवश्यकता है। “पुराना संसार खत्म हो चुका है”।
रुबियो का उल्लेख किया गया ‘पुराना संसार’ वह समय था जब पश्चिमी देशों का प्रभुत्व बिना किसी चुनौती के था। 14 फरवरी को म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अपने संबोधन में, रुबियो ने औपनिवेशिक काल को पश्चिमी देशों के ‘विस्तार’ के दौर के रूप में सराहा। उन्होंने इस दौर को पश्चिमी शक्ति की वृद्धि और फैलाव के रूप में प्रस्तुत किया।
उनका यह बयान वर्तमान वैश्विक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उस समय को रेखांकित करता है जब पश्चिमी देशों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में अपनी शक्ति को बढ़ाया। रुबियो ने यह भी कहा कि इस समय में नए भू-राजनीतिक संकट और बदलाव आ रहे हैं, जो सभी देशों को नए सिरे से सोचने और समझने पर मजबूर करेंगे।
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यह बयान उस समय आया है जब दुनिया भर में भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और पश्चिमी देशों के प्रभुत्व को चुनौती मिल रही है। मार्को रुबियो का यह विचार अमेरिका की नीति और वैश्विक दृष्टिकोण को नई दिशा दे सकता है, खासकर जब बात पश्चिमी देशों के विकास और औपनिवेशिक अतीत से जुड़ी हो।
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