तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर विवाद खुलकर सामने आ गया है। पार्टी सांसद काकली घोष दस्तीदार ने टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर लोकसभा के भीतर उनके साथ “गाली-गलौज” और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
काकली घोष दस्तीदार ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी लगातार महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार करते रहे हैं और यह मामला गंभीर है। उन्होंने कहा, “मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि मुझे लोकसभा सदस्य कल्याण बनर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज करने की अनुमति दी जाए, जिन्होंने सदन के भीतर मेरे साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि यह व्यवहार कई महिला सांसदों के साथ पहले भी हो चुका है और इस पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है। दस्तीदार ने इसे महिला विरोधी (मिसोजिनी) रवैया बताते हुए दंडात्मक कदम उठाने की मांग की।
और पढ़ें: बिहार के मधुबनी रेलवे स्टेशन पर जयनगर–उधना अंत्योदय एक्सप्रेस में भीषण आग, एक कोच जलकर खाक
गौरतलब है कि काकली घोष दस्तीदार ने एक दिन पहले ही टीएमसी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया था। वे बारासात लोकसभा सीट से सांसद हैं और पार्टी की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे सांसद बनी रहेंगी लेकिन संगठनात्मक जिम्मेदारियों से अलग हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, दस्तीदार ने एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक में भी हिस्सा लिया था, जबकि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें ऐसा करने से रोका था। इसको लेकर भी पार्टी के भीतर असहमति देखी जा रही है।
वहीं टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी से कोई बड़ा नेता इस्तीफा नहीं देगा। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस विवाद को टीएमसी का आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी हस्तक्षेप से इनकार किया है।
फिलहाल इस पूरे विवाद ने टीएमसी की आंतरिक राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
और पढ़ें: सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन किया, इस्तीफे का ऐलान