भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) तकनीक अब कैरेबियाई क्षेत्र में भी पहुंचने जा रही है। त्रिनिदाद और टोबैगो भारत की UPI प्रणाली अपनाने वाला कैरेबियाई क्षेत्र का पहला देश बनने जा रहा है। इस पहल की पुष्टि भारत में त्रिनिदाद और टोबैगो के उच्चायुक्त चंद्रदाथ सिंह ने की है।
यह परियोजना एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और त्रिनिदाद और टोबैगो के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्रालय के बीच सितंबर 2024 में हुए समझौते के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य देश में तेज, सुरक्षित और रियल-टाइम डिजिटल भुगतान व्यवस्था विकसित करना है।
प्रस्तावित प्रणाली के जरिए व्यक्ति-से-व्यक्ति और व्यक्ति-से-व्यापारी भुगतान संभव होंगे। इससे वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी भी विकसित होगी। समझौते के तहत एनआईपीएल तकनीकी विशेषज्ञता, ज्ञान साझा करने और क्षमता निर्माण में सहायता करेगा। हालांकि, भुगतान प्लेटफॉर्म का स्वामित्व त्रिनिदाद और टोबैगो के पास ही रहेगा।
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इस व्यवस्था से नकदी पर निर्भरता कम करने, भुगतान को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने तथा वित्तीय समावेशन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। भारत की UPI प्रणाली पहले ही भूटान, नेपाल, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, श्रीलंका, कतर, कंबोडिया, ग्रीस और मालदीव सहित कई देशों में पहुंच चुकी है।
यह पहल भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच व्यापक संबंधों को भी मजबूत कर रही है। दोनों देश 64 वर्षों के राजनयिक संबंध पूरे कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा के दौरान व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और लोगों के बीच संपर्क से जुड़े छह समझौते हुए थे।
दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र भी महत्वपूर्ण है। त्रिनिदाद और टोबैगो तेल और प्राकृतिक गैस उद्योग में लंबे समय से सक्रिय है और अब विनिर्माण, कृषि, पर्यटन, जैव प्रौद्योगिकी तथा रचनात्मक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाना चाहता है।
त्रिनिदाद और टोबैगो को 2027-28 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सीट भी मिली है। भारत ने उसकी उम्मीदवारी का समर्थन किया था। स्वास्थ्य और तकनीक के क्षेत्र में भी दोनों देशों का सहयोग बढ़ रहा है। भारतीय मूल का समुदाय और क्रिकेट दोनों देशों के बीच लोगों के संपर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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