अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। ट्रंप ने अब्राहम समझौते को लेकर किए गए अपने वक्तव्य में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम लिया, लेकिन प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ का उल्लेख नहीं किया। इसे पाकिस्तान सरकार के लिए असहज स्थिति माना जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कई मुस्लिम देशों के नेताओं से बातचीत की और उनसे 2020 के अब्राहम समझौते को स्वीकार करने की अपील की। इन देशों में सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र और जॉर्डन शामिल थे।
हालांकि पोस्ट में पाकिस्तान का जिक्र करते समय ट्रंप ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के बजाय सेना प्रमुख आसिम मुनीर का नाम लिया। इसके बाद पाकिस्तान में यह सवाल फिर उठने लगा है कि देश का वास्तविक नेतृत्व आखिर किसके हाथ में है।
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अब्राहम समझौता डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2020 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य इजरायल और अरब देशों के बीच संबंध सामान्य करना था। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, मोरक्को और सूडान जैसे देश इस समझौते में शामिल हो चुके हैं।
पाकिस्तान पहले ही साफ कर चुका है कि वह इस समझौते का हिस्सा नहीं बनेगा। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और बाद में शहबाज़ शरीफ सरकार ने भी दो-राष्ट्र समाधान के समर्थन का हवाला देते हुए इससे दूरी बनाए रखी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पाकिस्तान अब्राहम समझौते को स्वीकार करता है तो इससे कश्मीर मुद्दे पर उसकी स्थिति कमजोर पड़ सकती है।
ट्रंप के वक्तव्य के बाद पाकिस्तान में सेना और सरकार के बीच शक्ति संतुलन को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।
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