अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लाईदुबई विमान में 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की प्रशंसा की है। उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर मच्छर पर चाकू से हमला किया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
ट्रंप ने घटना पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस मामले पर चर्चा की। ट्रंप के अनुसार, सह-पायलट “शायद आतंकवादी या मानसिक रूप से अस्थिर व्यक्ति” हो सकता है। उन्होंने कहा कि पायलट की हालत बेहद खराब थी, लेकिन इसके बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलना उनकी बहादुरी थी।
ट्रंप ने इजरायली यात्री यानिव हायून की भी प्रशंसा की। रिपोर्टों के अनुसार, विमान के तेजी से नीचे जाने के दौरान हायून ने चीखें सुनीं और कॉकपिट की ओर दौड़े। उन्होंने कथित हमलावर को पायलट की सीट से हटाया और उसे पकड़कर कॉकपिट से बाहर खींच लिया। हायून ने बाद में बताया कि उन्होंने हमलावर को पकड़कर नियंत्रित किया और अन्य यात्रियों के साथ विमान को सुरक्षित रखने में मदद की।
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इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कैप्टन मच्छर की असाधारण बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने संघर्ष किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा चालक दल को हमलावर पर काबू पाने में सक्षम बनाया। नेतन्याहू ने उन्हें “सच्चा हीरो” बताते हुए शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई। दुबई से तेल अवीव जा रहे बोइंग 737 मैक्स 8 विमान को कॉकपिट में आपात स्थिति पैदा होने के बाद उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ना पड़ा। विमान कुछ हजार फीट तेजी से नीचे गया, लेकिन यात्रियों और चालक दल के हस्तक्षेप के बाद सुरक्षित उतर गया। सभी यात्रियों को बाद में दूसरे विमान से तेल अवीव पहुंचाया गया।
हमले के पीछे का मकसद और घटना की पूरी परिस्थितियां अभी जांच के अधीन हैं।
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