अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उन देशों को कड़ा संदेश दिया है जो ईंधन संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से प्रभावित देशों को “हिम्मत दिखानी चाहिए और खुद अपना तेल हासिल करना चाहिए।”
यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है, जहां से लगभग 20% वैश्विक तेल और गैस गुजरती है। हाल ही में अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के जवाबी हमलों के कारण इस क्षेत्र में जहाजों को निशाना बनाया गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा गया है।
ट्रंप ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम जैसे देश, जिन्हें जेट ईंधन की कमी हो रही है, वे या तो अमेरिका से तेल खरीदें या खुद जाकर इस मार्ग से तेल प्राप्त करें। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अब हर देश की मदद के लिए आगे नहीं आएगा और देशों को आत्मनिर्भर बनना होगा।
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इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो वह उसके बिजली संयंत्रों, तेल कुओं और खार्ग द्वीप को पूरी तरह नष्ट कर सकते हैं। खार्ग द्वीप ईरान के लगभग 90% तेल निर्यात का केंद्र है।
वहीं, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रत्यक्ष बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि उसे केवल अप्रत्यक्ष और अव्यावहारिक प्रस्ताव मिले हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के चलते वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतों में तेजी आई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
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