अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एरिज़ोना के फीनिक्स शहर में आयोजित टर्निंग पॉइंट यूएसए कार्यक्रम में ईरान को लेकर सख्त रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान के साथ होने वाला समझौता पूरी तरह अंतिम रूप लेकर साइन नहीं हो जाता, तब तक उस पर लागू नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम को सौंपने के लिए तैयार हो गया है और अमेरिका इसे तेहरान के परमाणु ठिकानों से हटाएगा।
हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि देश का समृद्ध यूरेनियम कहीं स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका और ईरान मिलकर बड़े-बड़े खुदाई उपकरणों की मदद से परमाणु सामग्री को निकालेंगे और उसे अमेरिका ले जाया जाएगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि दुनिया की सबसे ताकतवर नौसेना द्वारा लागू यह नाकाबंदी पूरी ताकत के साथ जारी रहेगी। उन्होंने ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को फिर से खोलने के फैसले का भी जिक्र किया, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है।
और पढ़ें: ट्रंप का दावा: ईरान संघर्ष खत्म होने के करीब, अमेरिका से समझौता चाहता है तेहरान
इसके अलावा, ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने लेबनान और इज़राइल के बीच संघर्षविराम कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुआ यह संघर्षविराम अभूतपूर्व है और पिछले 78 वर्षों में ऐसा नहीं हुआ था। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ हो रही बातचीत का लेबनान समझौते से कोई सीधा संबंध नहीं है।
और पढ़ें: ट्रम्प का चेतावनी भरा बयान: संघर्षविराम तक ईरान के चारों ओर अमेरिकी सेना तैनात रहेगी